Tuesday, 30 January 2018

Twinkle Twinkle Little Star||Popular Nursery Rhymes || Baby Songs

दूध कब कितना और कैसे पीना चाहिए

दूध हमारे पोषण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं | बच्चो से लेकर बूढ़ो तक यह हर किसी को पोषण और सेहत प्रदान करता हैं | दूध में लगभग वो हर तत्व मौजूद होता है जो शरीर के लिए आवश्यक होता है| ये विटामिन, कैल्शियम, प्रोटीन, नियासिन, फॉस्फोरस और पोटैशियम का खजाना होता है|हमारे शरीर और दिमाग को पोषण प्रदान करता है।आयुर्वेदानुसार गाय का दूध सबसे ज्‍यादा पौष्टिक होता है। लेकिन कुछ लोगो को सुध न पचने की समस्या होती हैं जिससे उन्हें बदहज़मी या दस्त लगने की समस्या हो जाती हैं | इसका क मात्रा कारण यह हैं की लोगो को यह तो पाटा हैं की दूध पौष्टिक हैं , लेकिन किसी भी चीज का अधूरा ज्ञान अथवा अति घातक होती हैं | आइये जानते हैं दूध के बेमिसाल फायदे और नुकसान साथ ही उसे किस तरह से लेना चाहिए -
१. दूध गर्म लेने के भी फायदे हैं और ठंडा लेने के भी अपने अलग फायदे हैं  अगर आपको पेट में जलन हो रही हैं तो एक कप में आधा दूध और आधा पानी मिक्स करके बिना शक्कर मिलाये पिए | आपके पेट में ठंडक होगी |
२.अगर आपको बी.पी या कॉलेस्ट्रॉल की समस्या हैं तो आप हर रोज़ रात में सोते वक़्त दूध में हल्दी डालकर गरम अथवा कुनकुना दूध पिने की आदत डाल ले |आपको फायदा होगा |साथ ही अगर आपको नींद न आने की समस्या हैं तो यह उपाय आप ही के लिए हैं |
३.अगर आप दूध के साथ छुहारे अथवा खजूर / खरीक दूध में उबाल कर लेते हैं तो अआप्की स्मरण शक्ति बढ़ेगी और सर्दी ठीक होती हैं |हड्डियाँ मजबूत होती हैं | साथ ही पुरुषो के वीर्य में वृद्धि होती हैं |
४. दूध हमेशा उबालकर ही पिए | कच्चे दूध का सेवन नहीं करना चाहिए |
५. गाय का दूध सर्वोत्तम मन जाता हैं अगर आप गाय के दूध का सेवन बिना शक्कर के करते हैं आपको प्रचुर मात्रा में पोषण मिलेगा और आपको किसी प्रकार के गैस या बदहजमी की समस्या नहीं होगी |
६.बार बार दूध नहीं उबालना चाहिए उससे दूध के पोषक तत्त्व नष्ट हो जाते हैं |एक बार में इतना ही दूध गरम करे जितने के आवश्यक हैं |
७.नवजात बच्चे को माँ के दूध का सेवन १ वर्ष से अधिक नहीं करना चाहिए |
८.दूध में अदरक, लौंग, इलायची, केसर, दालचीनी और जायफल आदी मिलकर पीने से पेट में अतिरिक्त गर्मी बढ़ेगी जिसकी मदद से दूध हजम होने में आसानी मिलेगी।
९.अगर आप वजन बढ़ाना चाहते हैं हो रोज़ सुबह दूध में १ चम्मच शहद मिलाकर पिए |
१०.बुजुर्गो को हर रात सोने से पहले हल्दी का दूध पिलाये |आप इसमें ड्राई फ्रूट्स मिलाकार भी पीला सकते हैं जिससे उन्हें और विटामिन्स और एनर्जी मिलेगी |बच्चो को स्कूल जाते वक़्त १ बड़ा कप दूध जरूर पिलाये | इससे उनका दिमाग तेज़ चलता हैं और स्टैमिना बना रहता हैं | ३० वर्ष के अस पास के लोगो को दूध का सेवन दिन में २ बार करना चाहिए | क्योकि इस उम्र में हड्डियों पे ध्यान नहीं दिया गया तो हड्डियाँ कमज़ोर होने लगती हैं जो बुढ़ापे में और बड़ा रूप ले लेती हैं |
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हल्दी के चमत्कारी अचूक उपाय

हल्दी हम सभी के घरो में आसानी से मिल जाती हैं |ये हमारे किचन में  एक अहम् भूमिका निभाती हैं | आप सभी इसे अच्छी तरह से जानते हैं | हल्दी का प्रयोग बहुत सारी दवाईया और सौन्दर्य प्रसाधनों में किया जाता हैं |आज में आपको हल्दी के कुछ घरेलु उपयोगो के बारे में बताएंगे जिनके बारे में आप शायद नहीं जानते होंगे -
१.डायबिटीज कंट्रोलर - बायोकेमिस्‍ट्री और बायोफिजिकल रिसर्च की स्‍टडी के अनुसार हल्‍दी के नियमित सेवन से ग्‍लूकोज लेवल कम और टाइप 2 डायबिटीज होने की गुंजाईश कम हो जाती हैं |
२. सर्दी - सर्दी होने या शा‍रीरिक पीड़ा होने पर हल्दी वाला दूध पिने से रहत मिलती हैं | हल्दी अपने आप में एक एंटीसेप्टिक और एंटीबायोटिक है | जो शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाती हैं | गंभीर चोट लग जाने पर या सूजन होने पर भी हल्दी का लैप लगे जाता हैं |जिससे घाव जल्दी भरता हैं |
३.केलेस्ट्रॉल कंट्रोलर - हल्दी को नियमित भोजन में लेने से केलेस्ट्रॉल लेवल नियंत्रित रहत हैं |हृदय घात से लड़ने में सहायक होता हैं |
४. कैंसर - कैंसर से बचाव के लिए हल्‍दी एक अच्छा एंटीऑक्‍सीडेंट है जो कैंसर पैदा करने वाली कोशिकाओं से लड़ती है |
५. झुर्रियॉ - बढाती उम्र में चहरे पर झुर्रिया आने लग जाती हैं | हल्‍दी का पानी नियमित रूप से पीने से झुर्रिया काम होने लगती हैं | उम्र भी काम दिखती हैं |
६. त्वचा - हल्दी दूध पीने से त्वचा में प्राकृतिक चमक आती है |हल्दी का सेवन,एंटीसेप्टिक व एंटी बैक्टीरियल होने के कारण त्वचा की समस्याओं जैसे - इंफेक्शन, खुजली, मुंहासे आदि के बैक्टीरिया को धीरे-धीरे जड़ से खत्म कर देता है। इससे आपकी त्वचा साफ और स्वस्थ और चमकदार दिखाई देती है।
7. डिटॉक्सर - अगर आप हर रोज़ सुबह खली पेट गर्म पानी में नीबू शहद और हल्दी मिलकर लेते हैं तो ये नेचुरल बॉडी डेटॉक्स का काम करता करता हैं जिससे आपके शरीर से विषैले पदार्थ आसानी से बहार निकल सके ,और आप और आपका लिवर स्वस्थ रह सके | 
८.सौन्दर्य - हल्दी का १ पिंच आप आपके फेस मास्क में मिलाकर लगाए चैहरे की काँटी बढ़ती हैं | साथ ही मुहासे और कील जैसी समस्याओ से छुटकारा मिलता हैं |
९. दाँत दर्द - अगर आपको किसी भी प्रकार का दांतो में या मसूड़ों में दर्द हैं तो १ चम्मच सरसो के तेल में सेंधा नमक और हल्दी मिलकर उस जगह मालिश करे १० मिनिट लार टपकाये | यह उपाय २-३ दिन दोहराये आपका दर्द तुरंत गायड हो जाएगा वो भी जड़ से |
१० . हल्दी का दूध मात्रा पीने से कई बीमारियों का नाश हो जाता हैं | रात में सोने से पहले हल्दी के दूध का सेवन करे | खासकर ठण्ड में तो जरूर करे | इससे नींद न आना ,सर्दी-खासी, झुकाम, बुखार, पाचन की समस्या आदि से निजात पाया जा सकता हैं | 
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Wednesday, 24 January 2018

नवजात शिशु की तेल मालिश कैसे और कब करे ?


जब घर में नन्ही सी जान आती हैं ,तो घर आंगन खिल उठता हैं | लेकिन उन्हें ज़रा सी भी तकलीफ होती हैं तो उन्हें तकलीफ में देखा नहीं जाता | आज का ये आर्टिकल खास उन नई माताओ के लिए हैं जिन्होंने नए नन्हे मेहमान को जनम दिया हैं | अगर आप अकेले रहते हैं |आपके साथ कोई परिवार का अनुभवी सदस्य नहीं हैं तो आज मैं बताउंगी की बच्चो की मालिश आपको कैसे करनी हैं  -
१. सबसे पहली बात की माताओ की शिशुओं की मालिश स्वयं ही करना चाहिए | जिससे उन्हें माँ के स्पर्श की पहचान होती हैं | और उनका रिश्ता मजबूत होता हैं | बच्चा २-३ महीने में माँ का चेहरा पहचानने लगता हैं | शुरू में जब बच्चा स्तन पान करता हैं तब उसकी नज़रे माँ के चेहरे तक ही पहुंच पाती हैं |
२.जब भी बच्चे की मालिश करती हैं तो मालिश करते वक़्त बच्चा सो जाता हैं | ऐसे में उसे अच्छी नींद लेने दे | उसके बाद आप उसे नहला दे | पूरी नींद होने के बाद उनका मूड भी फ्रेश रहेगा | 
३.आपको मालिश कम से कम  बच्चा २ साल का होने तक करना चाहिए |इससे बच्चे के शरीर और हड्डियों को मजबूती मिलती हैं और उन्हें नींद भी अच्छी आती हैं |
४.मालिश करने के लिए आप नॉर्मली नारियल का तेल युस कर सकते हैं | ठन्डे मौसम में सरसो का तेल युस करे और रात में तिल्ली का तेल | आप ओलिव आयल से भी डेली मालिश कर सकते हैं |
५. आपको मालिश दिन में २ बार करनी हैं -१. सुबह नहाने से पहले | २.रात में सोने से पहले |
६.आपको मालिश करते वक़्त इतना ध्यान रखना हैं की हार्ट से अपोसिट डायरेक्शन में हाथो को फ्लो होना चाहिए | जिससे की रक्त कोशिकाओं का संतुलन पुरे शरीर पर हो |
७. मालिश की शुरुआत आपको पैरो से करनी हैं | सबसे पहले पैरो के तलवो पर अपनी अंगूठे से हलके हाथो से तेल मसाज करे ५ मिनिट | फिर परे के तलवो समेत घुटनो तक मसाज करे ७ मिनिट | फिर जांघो पर ७-८ मिनिट निचे के हिस्सों समेत | बच्चे को ओने साइड लेटा कर पीछे कूल्हों से लेकर जांघ की ऊपर वाले पैर की मालिश करे २ मिनिट | इसी तरह दूरसे साइड के कूल्हे से लेकर जांघ तक मालिश करे |अब बच्चे को सीधा लेटा दे | फिर पुरे पेरो की मसाज जांघो से तलवो तक ३ मिनिट | अब पैरो की हलकी एक्सर साईस करे |  दोनों पेरो को साथ में माथे तक टच करनी की कोशिश करे |आपको इतना ध्यान रखना हैं की दोनों पेरो की मालिश और एक्सर साइज़ साथ में करनी हैं | पेरो को घुटने तक फोल्ड करे और फिर सीधा करे ५ बार | फिर साइकल चलाये पेरो से ५-१० बार | आप रात के वक़्त पूरी मालिश न करके सिर्फ इतनी पेरो की मालिश भी करके बच्चो को सुला सकते हैं |
८.अब सीने पर सीधा हाथ चिपकते हुए रखे आपका पूरा हाथ बच्चे की छाती से चिपका हो |अब सीधे हाथ को निचे की और लाये और फिर उलटे हाथ को सीधे हाथ के पीछे चलाये | सीने से पेट की और आपका हाथ चलना चलना चाहिए |मसाज करे ५ मिनिट | अब बच्चे को एक हाथ पे  दाहिनी या बाई और पलटा दे और कमर की गोलाई में मालिश करे | कम से कम २ मिनिट | अब कंधे की मालिश करे गर्दन से दोनों हांथो की और आपका हाथ चलना चाहिए | हलकी गर्दन की मालिश करे और फिर काढ़े से लेते हुए हाँथ की ३ मिनिट | अब हाथ की हथेली पर अपने हाथ के अंगूठे से मालिश करे | उंगलियों की भी हलकी मालिश करे |अपने हाथ की हाथे और बच्चे की हथेली एक पर एक रखकर घर्षण होने दे |२-३ मिनिट |
९.अब आपके हाँथ और पेरो की मसाज हो चुकी हैं एक्सर साइज़ करवाए | दोनों हाथो को क्रॉस में टाइट कंधे की और खींचे हलके हाथो से | जैसे आप तथा की घडी करते हैं | और पेरो को भी क्रॉस में लेकर एक्सर साइज़ करवाए | अब सीधा हाथ और उल्टा वाला पैर घुटने से मोड़ते हुए और हाथ उस पैर की और खींचते हुए | अब उल्टा हाथ(लेफ्ट ) और सीधा पर (राइट )२-३ बार |अब बच्चे को उल्टा लेटा दे |  पीठ पर मसाज करे कंधो से कमर की और फिर कम से पेरो की पर २-३ मिनिट |
१०. चहरे और सर की मसाज करे | माथे पर अंगूठे से बिच से बहार की और चलाये | ३-५ बार अब नाक की आई ब्रो के बिच वाली हड्डी को वि शेप में दबाते हुए नाक को लम्बा खींचते हुए मालिश करे | बच्चे की नाक तीखी होगी |अब गालो पर उंगलियों के पोरो से हलके हाथ से ४-५ बार क्लॉक वाइज मालिश करे | अब दादी पर अंगूठे से ३ बारे | अब कान पर हलके हाथो से १ मिनिट और आँखों पर एकदम हलके हाँथ से | अब सर पर जब आप मालिश करे तब उंगलियों के पोरो को राउंड में घूमते हुए मसाज करे| बच्चो को पेरो पर सर की मालिश ज्यादा पसंद होती हैं | अगर आपका बच्चा इसे एन्जॉय कर रहा हैं तो आप समय बढ़ा दे मालिश का |बच्चा हष्ट पुष्ट और तन्दुरुत और फुर्तीला रहेगा |
पहले जब लोग मालिश करते थे बच्चो की तब नाक ,कान ,नाभि में तेल की कुछ बुँदे डालते थे | लकिन आजकल डॉक्टर्स मना करते हैं |लेकिन में अपने बच्चे की मालिश करते वक़्त उसकी नाभि में २ बून्द तेल डालती थी |जिससे होंठ मुलायम रहते हैं |
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