Wednesday, 31 January 2018
Tuesday, 30 January 2018
दूध कब कितना और कैसे पीना चाहिए
दूध हमारे पोषण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं | बच्चो से लेकर बूढ़ो तक यह हर किसी को पोषण और सेहत प्रदान करता हैं | दूध में लगभग वो हर तत्व मौजूद होता है जो शरीर के लिए आवश्यक होता है| ये विटामिन, कैल्शियम, प्रोटीन, नियासिन, फॉस्फोरस और पोटैशियम का खजाना होता है|हमारे शरीर और दिमाग को पोषण प्रदान करता है।आयुर्वेदानुसार गाय का दूध सबसे ज्यादा पौष्टिक होता है। लेकिन कुछ लोगो को सुध न पचने की समस्या होती हैं जिससे उन्हें बदहज़मी या दस्त लगने की समस्या हो जाती हैं | इसका क मात्रा कारण यह हैं की लोगो को यह तो पाटा हैं की दूध पौष्टिक हैं , लेकिन किसी भी चीज का अधूरा ज्ञान अथवा अति घातक होती हैं | आइये जानते हैं दूध के बेमिसाल फायदे और नुकसान साथ ही उसे किस तरह से लेना चाहिए -
१. दूध गर्म लेने के भी फायदे हैं और ठंडा लेने के भी अपने अलग फायदे हैं अगर आपको पेट में जलन हो रही हैं तो एक कप में आधा दूध और आधा पानी मिक्स करके बिना शक्कर मिलाये पिए | आपके पेट में ठंडक होगी |
२.अगर आपको बी.पी या कॉलेस्ट्रॉल की समस्या हैं तो आप हर रोज़ रात में सोते वक़्त दूध में हल्दी डालकर गरम अथवा कुनकुना दूध पिने की आदत डाल ले |आपको फायदा होगा |साथ ही अगर आपको नींद न आने की समस्या हैं तो यह उपाय आप ही के लिए हैं |
३.अगर आप दूध के साथ छुहारे अथवा खजूर / खरीक दूध में उबाल कर लेते हैं तो अआप्की स्मरण शक्ति बढ़ेगी और सर्दी ठीक होती हैं |हड्डियाँ मजबूत होती हैं | साथ ही पुरुषो के वीर्य में वृद्धि होती हैं |
४. दूध हमेशा उबालकर ही पिए | कच्चे दूध का सेवन नहीं करना चाहिए |
५. गाय का दूध सर्वोत्तम मन जाता हैं अगर आप गाय के दूध का सेवन बिना शक्कर के करते हैं आपको प्रचुर मात्रा में पोषण मिलेगा और आपको किसी प्रकार के गैस या बदहजमी की समस्या नहीं होगी |
६.बार बार दूध नहीं उबालना चाहिए उससे दूध के पोषक तत्त्व नष्ट हो जाते हैं |एक बार में इतना ही दूध गरम करे जितने के आवश्यक हैं |
७.नवजात बच्चे को माँ के दूध का सेवन १ वर्ष से अधिक नहीं करना चाहिए |
८.दूध में अदरक, लौंग, इलायची, केसर, दालचीनी और जायफल आदी मिलकर पीने से पेट में अतिरिक्त गर्मी बढ़ेगी जिसकी मदद से दूध हजम होने में आसानी मिलेगी।
९.अगर आप वजन बढ़ाना चाहते हैं हो रोज़ सुबह दूध में १ चम्मच शहद मिलाकर पिए |
१०.बुजुर्गो को हर रात सोने से पहले हल्दी का दूध पिलाये |आप इसमें ड्राई फ्रूट्स मिलाकार भी पीला सकते हैं जिससे उन्हें और विटामिन्स और एनर्जी मिलेगी |बच्चो को स्कूल जाते वक़्त १ बड़ा कप दूध जरूर पिलाये | इससे उनका दिमाग तेज़ चलता हैं और स्टैमिना बना रहता हैं | ३० वर्ष के अस पास के लोगो को दूध का सेवन दिन में २ बार करना चाहिए | क्योकि इस उम्र में हड्डियों पे ध्यान नहीं दिया गया तो हड्डियाँ कमज़ोर होने लगती हैं जो बुढ़ापे में और बड़ा रूप ले लेती हैं |
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हल्दी के चमत्कारी अचूक उपाय
हल्दी हम सभी के घरो में आसानी से मिल जाती हैं |ये हमारे किचन में एक अहम् भूमिका निभाती हैं | आप सभी इसे अच्छी तरह से जानते हैं | हल्दी का प्रयोग बहुत सारी दवाईया और सौन्दर्य प्रसाधनों में किया जाता हैं |आज में आपको हल्दी के कुछ घरेलु उपयोगो के बारे में बताएंगे जिनके बारे में आप शायद नहीं जानते होंगे -
१.डायबिटीज कंट्रोलर - बायोकेमिस्ट्री और बायोफिजिकल रिसर्च की स्टडी के अनुसार हल्दी के नियमित सेवन से ग्लूकोज लेवल कम और टाइप 2 डायबिटीज होने की गुंजाईश कम हो जाती हैं |
२. सर्दी - सर्दी होने या शारीरिक पीड़ा होने पर हल्दी वाला दूध पिने से रहत मिलती हैं | हल्दी अपने आप में एक एंटीसेप्टिक और एंटीबायोटिक है | जो शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाती हैं | गंभीर चोट लग जाने पर या सूजन होने पर भी हल्दी का लैप लगे जाता हैं |जिससे घाव जल्दी भरता हैं |
३.केलेस्ट्रॉल कंट्रोलर - हल्दी को नियमित भोजन में लेने से केलेस्ट्रॉल लेवल नियंत्रित रहत हैं |हृदय घात से लड़ने में सहायक होता हैं |
४. कैंसर - कैंसर से बचाव के लिए हल्दी एक अच्छा एंटीऑक्सीडेंट है जो कैंसर पैदा करने वाली कोशिकाओं से लड़ती है |
५. झुर्रियॉ - बढाती उम्र में चहरे पर झुर्रिया आने लग जाती हैं | हल्दी का पानी नियमित रूप से पीने से झुर्रिया काम होने लगती हैं | उम्र भी काम दिखती हैं |
६. त्वचा - हल्दी दूध पीने से त्वचा में प्राकृतिक चमक आती है |हल्दी का सेवन,एंटीसेप्टिक व एंटी बैक्टीरियल होने के कारण त्वचा की समस्याओं जैसे - इंफेक्शन, खुजली, मुंहासे आदि के बैक्टीरिया को धीरे-धीरे जड़ से खत्म कर देता है। इससे आपकी त्वचा साफ और स्वस्थ और चमकदार दिखाई देती है।
7. डिटॉक्सर - अगर आप हर रोज़ सुबह खली पेट गर्म पानी में नीबू शहद और हल्दी मिलकर लेते हैं तो ये नेचुरल बॉडी डेटॉक्स का काम करता करता हैं जिससे आपके शरीर से विषैले पदार्थ आसानी से बहार निकल सके ,और आप और आपका लिवर स्वस्थ रह सके |
८.सौन्दर्य - हल्दी का १ पिंच आप आपके फेस मास्क में मिलाकर लगाए चैहरे की काँटी बढ़ती हैं | साथ ही मुहासे और कील जैसी समस्याओ से छुटकारा मिलता हैं |
९. दाँत दर्द - अगर आपको किसी भी प्रकार का दांतो में या मसूड़ों में दर्द हैं तो १ चम्मच सरसो के तेल में सेंधा नमक और हल्दी मिलकर उस जगह मालिश करे १० मिनिट लार टपकाये | यह उपाय २-३ दिन दोहराये आपका दर्द तुरंत गायड हो जाएगा वो भी जड़ से |
१० . हल्दी का दूध मात्रा पीने से कई बीमारियों का नाश हो जाता हैं | रात में सोने से पहले हल्दी के दूध का सेवन करे | खासकर ठण्ड में तो जरूर करे | इससे नींद न आना ,सर्दी-खासी, झुकाम, बुखार, पाचन की समस्या आदि से निजात पाया जा सकता हैं |
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Monday, 29 January 2018
Wednesday, 24 January 2018
नवजात शिशु की तेल मालिश कैसे और कब करे ?
जब घर में नन्ही सी जान आती हैं ,तो घर आंगन खिल उठता हैं | लेकिन उन्हें ज़रा सी भी तकलीफ होती हैं तो उन्हें तकलीफ में देखा नहीं जाता | आज का ये आर्टिकल खास उन नई माताओ के लिए हैं जिन्होंने नए नन्हे मेहमान को जनम दिया हैं | अगर आप अकेले रहते हैं |आपके साथ कोई परिवार का अनुभवी सदस्य नहीं हैं तो आज मैं बताउंगी की बच्चो की मालिश आपको कैसे करनी हैं -
१. सबसे पहली बात की माताओ की शिशुओं की मालिश स्वयं ही करना चाहिए | जिससे उन्हें माँ के स्पर्श की पहचान होती हैं | और उनका रिश्ता मजबूत होता हैं | बच्चा २-३ महीने में माँ का चेहरा पहचानने लगता हैं | शुरू में जब बच्चा स्तन पान करता हैं तब उसकी नज़रे माँ के चेहरे तक ही पहुंच पाती हैं |
२.जब भी बच्चे की मालिश करती हैं तो मालिश करते वक़्त बच्चा सो जाता हैं | ऐसे में उसे अच्छी नींद लेने दे | उसके बाद आप उसे नहला दे | पूरी नींद होने के बाद उनका मूड भी फ्रेश रहेगा |
३.आपको मालिश कम से कम बच्चा २ साल का होने तक करना चाहिए |इससे बच्चे के शरीर और हड्डियों को मजबूती मिलती हैं और उन्हें नींद भी अच्छी आती हैं |
४.मालिश करने के लिए आप नॉर्मली नारियल का तेल युस कर सकते हैं | ठन्डे मौसम में सरसो का तेल युस करे और रात में तिल्ली का तेल | आप ओलिव आयल से भी डेली मालिश कर सकते हैं |
५. आपको मालिश दिन में २ बार करनी हैं -१. सुबह नहाने से पहले | २.रात में सोने से पहले |
६.आपको मालिश करते वक़्त इतना ध्यान रखना हैं की हार्ट से अपोसिट डायरेक्शन में हाथो को फ्लो होना चाहिए | जिससे की रक्त कोशिकाओं का संतुलन पुरे शरीर पर हो |
७. मालिश की शुरुआत आपको पैरो से करनी हैं | सबसे पहले पैरो के तलवो पर अपनी अंगूठे से हलके हाथो से तेल मसाज करे ५ मिनिट | फिर परे के तलवो समेत घुटनो तक मसाज करे ७ मिनिट | फिर जांघो पर ७-८ मिनिट निचे के हिस्सों समेत | बच्चे को ओने साइड लेटा कर पीछे कूल्हों से लेकर जांघ की ऊपर वाले पैर की मालिश करे २ मिनिट | इसी तरह दूरसे साइड के कूल्हे से लेकर जांघ तक मालिश करे |अब बच्चे को सीधा लेटा दे | फिर पुरे पेरो की मसाज जांघो से तलवो तक ३ मिनिट | अब पैरो की हलकी एक्सर साईस करे | दोनों पेरो को साथ में माथे तक टच करनी की कोशिश करे |आपको इतना ध्यान रखना हैं की दोनों पेरो की मालिश और एक्सर साइज़ साथ में करनी हैं | पेरो को घुटने तक फोल्ड करे और फिर सीधा करे ५ बार | फिर साइकल चलाये पेरो से ५-१० बार | आप रात के वक़्त पूरी मालिश न करके सिर्फ इतनी पेरो की मालिश भी करके बच्चो को सुला सकते हैं |
८.अब सीने पर सीधा हाथ चिपकते हुए रखे आपका पूरा हाथ बच्चे की छाती से चिपका हो |अब सीधे हाथ को निचे की और लाये और फिर उलटे हाथ को सीधे हाथ के पीछे चलाये | सीने से पेट की और आपका हाथ चलना चलना चाहिए |मसाज करे ५ मिनिट | अब बच्चे को एक हाथ पे दाहिनी या बाई और पलटा दे और कमर की गोलाई में मालिश करे | कम से कम २ मिनिट | अब कंधे की मालिश करे गर्दन से दोनों हांथो की और आपका हाथ चलना चाहिए | हलकी गर्दन की मालिश करे और फिर काढ़े से लेते हुए हाँथ की ३ मिनिट | अब हाथ की हथेली पर अपने हाथ के अंगूठे से मालिश करे | उंगलियों की भी हलकी मालिश करे |अपने हाथ की हाथे और बच्चे की हथेली एक पर एक रखकर घर्षण होने दे |२-३ मिनिट |
९.अब आपके हाँथ और पेरो की मसाज हो चुकी हैं एक्सर साइज़ करवाए | दोनों हाथो को क्रॉस में टाइट कंधे की और खींचे हलके हाथो से | जैसे आप तथा की घडी करते हैं | और पेरो को भी क्रॉस में लेकर एक्सर साइज़ करवाए | अब सीधा हाथ और उल्टा वाला पैर घुटने से मोड़ते हुए और हाथ उस पैर की और खींचते हुए | अब उल्टा हाथ(लेफ्ट ) और सीधा पर (राइट )२-३ बार |अब बच्चे को उल्टा लेटा दे | पीठ पर मसाज करे कंधो से कमर की और फिर कम से पेरो की पर २-३ मिनिट |
१०. चहरे और सर की मसाज करे | माथे पर अंगूठे से बिच से बहार की और चलाये | ३-५ बार अब नाक की आई ब्रो के बिच वाली हड्डी को वि शेप में दबाते हुए नाक को लम्बा खींचते हुए मालिश करे | बच्चे की नाक तीखी होगी |अब गालो पर उंगलियों के पोरो से हलके हाथ से ४-५ बार क्लॉक वाइज मालिश करे | अब दादी पर अंगूठे से ३ बारे | अब कान पर हलके हाथो से १ मिनिट और आँखों पर एकदम हलके हाँथ से | अब सर पर जब आप मालिश करे तब उंगलियों के पोरो को राउंड में घूमते हुए मसाज करे| बच्चो को पेरो पर सर की मालिश ज्यादा पसंद होती हैं | अगर आपका बच्चा इसे एन्जॉय कर रहा हैं तो आप समय बढ़ा दे मालिश का |बच्चा हष्ट पुष्ट और तन्दुरुत और फुर्तीला रहेगा |
पहले जब लोग मालिश करते थे बच्चो की तब नाक ,कान ,नाभि में तेल की कुछ बुँदे डालते थे | लकिन आजकल डॉक्टर्स मना करते हैं |लेकिन में अपने बच्चे की मालिश करते वक़्त उसकी नाभि में २ बून्द तेल डालती थी |जिससे होंठ मुलायम रहते हैं |
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Saturday, 20 January 2018
Wednesday, 17 January 2018
तुलसी के प्रकार गुण और घरेलु उपाय
तुलसी से अधिकतर सभी लोग परिचित हैं | हिन्दू मान्यताओं के अनुसार तुलसी को पवित्र माना गया हैं |इसे माँ लष्मीजी का रूप माना जाता हैं |तुलसी के घर पर होने मात्रा से आंगन खुशनुमा हो जाता हैं | तुलसी से कई आयुर्वेदिक दवाईयां और सौन्दर्य प्रसाधनों का निर्माण किया जाता हैं |
तुलसी मुख्यतः दो प्रकार की होती हैं -
१. राम तुलसी |
२. श्याम तुलसी |
राम तुलसी हलके रंग की होती हैं और श्याम तुलसी गहरे रंग की होती हैं |तुलसी को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से प्राकृतिक एंटीबायोटिक माना गया हैं |जिसका नित्य सेवन करने से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती हैं | तुलसी की खुशबू से बारीक़ किट और मच्छर दूर होते हैं |साथ ही कई साडी बीमारियों को जड़ से खतम करने में सहायक हैं -
१.तुलसी के काढ़े से बच्चो के यकृत की खराबी नष्ट हो जाती हैं और पाचन सुचारु रूप से होने लगता हैं | काढ़ा बनाने के लिए १/२ कप तुलसी के पत्ते ले उसे ११/२ कप पानी के साथ उबालकर गरम करे |जब वह १ कप हो जाये तब घुट घुट करके पी ले |
२.तुलसी की मंजरी ,सोंठ ,प्याज का रस और शहद मिलाकर चाटने से सुखी खासी और बच्चो के दमे में लाभ होता हैं |
३.तुलसी के पत्तो का काढ़ा या इसके पत्तो का रस काली मिर्च के साथ लेने से पसीना आकर ज्वर उतर जाता हैं| साथ ही घबराहट दूर करने में भी कारीगर उपाय हैं |
४.काली मिर्च और तुलसी के पत्तो को पीसकर उसकी गोली बनाकर दातो के निचे रखने से डाट का दर्द दूर होता हैं |
५.नीबू के रस के साथ तुलसी के पत्तो को पीसकर दाद पर लगाने से दाद अच्छा होता हैं |
६.तुलसी के पत्तो को पीसकर चेहरे पर लगाने से चेहरे की कान्ति बढ़ती हैं |
७.तुलसी के पत्तो के रस में थोड़ा सा सेंधा नमक मिलाकर नाक में २-३ बिन्दे टपकाने से बेहोशी अथवा मूर्छा तुरनत नष्ट होती हैं |
८.किसी भी प्रकार के जखम पर अगर तुलसी के पत्ते का लेप लगाया जाए तो वह जल्दी भरने लगता हैं |
९.किसी भी प्रकार के विष को नष्ट करने के लिए तुलसी का रस पेट भरकर रोगी को पिलाना चाहिए |
१०.तुलसी के रस की कुछ बुँदे कान में टपकाने पर कान का दर्द तुरंत ठीक होता हैं |
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Thursday, 11 January 2018
Tuesday, 9 January 2018
हार सिंगार या पारिजात के पौधे के अनूठे उपाय |
हार सिंगार को पारिजात के नाम से भी जाना जाता हैं | यह पौधा अपने आप में एक खास औषधि हैं इसमें कई औषधीय गुण पाए जाते हैं | यह डायबिटीस और गठिया जैसी बीमारियों का अचूक उपाय हैं |बच्चो के कॉन्सन्ट्रेशन के लिए भी उपयोगी हैं |आएये जानते हैं इसके चमत्कारी औषधीय गुणों के बारे में -
१. पारिजात का सिर्फ एक पत्ता सुबह सुबह बच्चे को चबाने के लिए दे |पूरी तरह से चबा लेने के बाद पानी पीला दे | इससे बच्चे का कॉन्सन्ट्रेशन पावर और याददाश्त बढ़ेगी | ये प्राकृतिक ब्लड प्यूरीफायर की तरह कार्य करता हैं | जो मस्तिष्क में पानी और ऑक्सीजन का संतुलन बनाये रखता हैं |
२. जिन लोगो को गठिया की शिकायत रहती हैं | खासकर बुजुर्गो को गठिया ,जोड़ो में दर्द और पेट में गैस होना अदि समस्याएं होती हैं | ऐसे में रोज़ पारिजात के ४-५ पत्ते ले | उसे अच्छी तरह से धो ले पोटेसियम परमेगनेट मिलाकर और अच्छे से धो ले इससे सूक्ष्म कीड़ो का नाश हो जाता हैं | पानी से अच्छी तरह से धोने के बाद उसे बारीक़ कूट ले |अब ११/२ कप पानी में मिलाकर उबाल ले | जब तक की वो ११/२ कप से १ कप करके काढ़ा बनाकर पिए | इसे प्रातः खली पेट सेवन करे | इससे गठिया के दर्द में आपको राहत मिलने लगेगी | इसे आप हफ्ते में १-२ बार कम से कम जरूर ले |
३. ऊपर बताया गए काढ़े का अगर आप नित्य सेवन करते हैं तो आपका शुगर लेवल भी नियंत्रित रहता हैं |
४. मलेरिया अथवा किसी भी प्रकार का सामान्य बुखार या सुखी खासी में आप इसके पत्तो का काढ़ा बनाकर पीते हैं तो आपको राहत मिलेगी |
५. पारिजात को फूलो को ऑफिस या स्टडी रूम में रखे उसकी सुगंध मात्रा से आपका मूड फ्रेश मन शांत और दिमाग तेज़ काम करेगा |
६.पारिजात के फूलो का तेल हृदय रोगों को दूर करने में लाभदायक है| अगर आपके पास इसका तेल न हो तो 15-20 फूलो का रस निकाल कर सेवन करने से हृदय से सम्बंधी समस्या कम होती है|
७. पारिजात के पत्तो का काढ़ा बनाकर पिने से साइटिका के दर्द से भी राहत मिलती हैं |
८. गले में खराश होने पर पारिजात की पत्तियों को पीस ले और शहद के साथ इसका सेवन करे |तुरंत लाभ होगा |
९.पारीजात की पत्तियों को पीसकर जखम पर लगाने से जल्दी भरने लगता हैं | अगर शरीर में आपको कही सूजन आई हैं तो इसके इसके पत्तो को पीसकर लेप लगाए राहत मिलेगी | अगर किसी तरह की खाज खुजली या दाग हैं तो पत्तो की पीस कर लागए आराम होगा |
१०.पारिजात के पत्तो का रास सुबह शाम चीनी के सतह मिलाकर लेने से पेट के कीड़ो का नाश होता हैं | यह बच्चो और बुजुर्गो को भी दे सकते हैं | बच्चो को एक चम्मच रस और बड़ो को २ चम्मच रस बराबर मात्रा में पानी के साथ अथवा १ गिलास पानी में शक्कर से साथ मिला कर देना चाहिए |
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Saturday, 6 January 2018
मकर संक्रांति विशेष - तिल्ली के लड्डू
मकर संक्रांति हमारे हिन्दू त्यौहारों में से एक हैं | पौष मास में जब सूर्य मकर राशि पर आता है तभी इस पर्व को मनाया जाता है | मकर संक्रान्ति के दिन से ही सूर्य की उत्तरायण गति भी प्रारम्भ होती है। इसलिये इसे उत्तरायणी भी कहते हैं।इस दिन तिल और गुड़ अथवा इनसे बनी चीजों को खाने का विशेष महत्व होता हैं | अधिकतर लोग तिल गुड़ के लड्डू बनाना पसंद करते हैं | जो काफी स्वादिष्ट और सरल और पौष्टिक भी होते हैं | आइये जानते हैं इसने किस तरह से बनाते हैं -
सामग्री-
१.तिल्ली - १ १/२ कप
२.गुड़ - १ कप
३.मूंगफली दाने - बारीक़ किये हुए १/२ कप
३. घी - २- चम्मच
विधि - सबसे पहले आप तिल्ली को अच्छी तरह से साफ़ करके धोकर सूखा ले | अब भरी तलवे की कढ़ाई लेकर चलाते हुए उसे भुने | तिल्ली को बिना रुके चलते हुए आपको भूनना हैं | ये नहीं तो जल सकती हैं | तिल्ली ब्राउन होने तक आपको भुनाना हैं जब तक आपका चट चट आवाज न आये |अब गुड़ को अच्छी तरह से टुकड़े करके बारीक़ बारीक़ कर ले | और मूंगफली को भी साफ़ करके चलते हुए अच्छी तरह ब्राउन जाने तक भून ले और मूंगफली के छिलके अलग कर ले |उन्हें मिक्सी में थोड़ी सी तिल्ली मिलाकर पीस ले |
अब कढ़ाई में घी डालें | घी पिघलने पर गुड़ डाल दे |गुड़ जब हल्का सा पिघल जाए तब आंच को धीमा करके उसमे भुनी हुई तिल्ली और मिक्सी में बारीक़ की गई दाने और तिल्ली का मिक्सचर भी मिला दे |अब तैयार सामग्री को ठंडा होने से पहले चम्मच की सहायता से हथेली पर ले | हथेली पर हल्का सा घी लगा ले | नीबू साइज के गोले बनाकर लड्डू तैयार कर ले |
स्वादिष्ट लड्डू तैयार हैं |
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Friday, 5 January 2018
अगर आपके बच्चो को आलू पसंद हैं तो जरूर पढ़े
आलू एक ऐसी सब्जी हैं जिसे अधिकतर बच्चे पसंद करते हैं | कुछ लोगो को तो इतना जयादा पसंद होता हैं की हफ्ते भर आलू खाकर भी उनका मन नहीं भरता | लेकिन आलू अगर आप लिमिट से ज्यादा खाते हैं तो उसके नुकसान भी होते हैं | आज हम आपको बताएंगे की आलू किस तरह से खाये जिससे की आपको नुकसान न हो |आलू के ज्यादा सेवन से शरीर में फेट की मात्रा में बढ़ोतरी होती हैं | आलू में अधिक मात्रा में कार्बोहायड्रेड होता हैं | अधिक शुगर होती हैं | जो की स्वस्थ की दृष्टि से अधिक सेवन सही नहीं हैं |
१.अगर आप आलू का सेवन करते हैं तो उसे बच्चो को बार बार गर्म करके न खिलाये |आप आलू उबले युस कर सकती हैं | इससे आलू में टॉक्सिन्स उत्पन्न होते हैं ,जो की बच्चो को नुक्सान पहुंचते हैं |जिसका सबसे बुरा असर लिवर पर पड़ता हैं |पेट में गैस और हार्ट प्रॉब्लम्स बढ़ा सकता हैं | इसलिए आलू जब भी बनाये एक बार में ख़तम करे | फिर से उसे गर्म करने न खिलाये | ये आलू के साथ तो अनिवार्य रूप से ध्यान रखे लेकिन बाकि सब्जिया भी दोबारा गरम करके खाने की आदत को बदले |
२.आलू में स्टार्च ज्यादा मात्रा में पाया जाता हैं | जिससे पेट में गैस की तकलीफ होती हैं |खासकर आलू ज्यादा तीखा या हल्कासा कच्चा हो तो गैस और एसिडिटी जैसे समस्याएं होती हैं |जिससे और रोग भी हो सकते हैं | आलू लेते समय ध्यान दे की आलू कही से भी हरा न हो | हरा आलू स्वस्थ के लिए काफी घातक हो सकता हैं |
३.आलू को यदि आप उसके छिलको समेत खाते हैं तो आलू नुक्सान नहीं पहुँचता | इसके छिलको में काफी न्यूट्रियंट्स होते हैं | जो आलू को स्वास्तवर्धक बनाते हैं |इसका सेवन छिलको समेत गर्भवती महिलाये कर सकती हैं |
४.आलू को हल्का उबालकर उसमे कुछ चीरे लगा ले और नमक वाले पानी में कुछ देर डुबाकर बच्चो को खिलाये |इससे उनका दिमाग तेज़ होगा और हार्ट भी मजबूत होगा | गठिया जैसी बीमारी में भी लाभ होगा |शरीर की सूजन को उतरने का भी यह अचूक उपाय हैं
५.अगर आप सीधी आग में भुना हुआ आलू या काम तेल में एक बार बनाया हुआ आलू बच्चो को खिलते हैं तो दिमाग सक्रिय होता हैं |उनकी सोचने समझने की क्षमता में वृद्धि होती हैं |
६. बच्चो या बुजुर्गो को यदि शरीर में किसी कारन से दर्द बना रहता हैं |तो आलू का पानी जिसमे अपने आलू उबाले हैं |उस पानी को गठानों या जॉइंट्स में जहा दर्द हैं उस जगह उस पानी से सिकाई करे |इससे हमेशा के लिए आप दर्द से निजात पा सकते हैं | अगर आपको कमर में स्लीप डिस्क पेन हैं या गर्दन में सर्वाइकल पेन हैं तो आलू के पानी और नमक की पतली धारा डालते हुए सिकाई करे | आपको तुरंत राहत मिलने लगेगी |
७. आलू में भरपूर प्रोटीन भी होता हैं | जो स्वस्थ के लिए लाभकारी हैं |आलू में विटामिन ए बी और सी भी होता हैं | आलू खिलाना चाहिए | लेकिन सही तरीके से खाना चाहिए | आलू का रास पीजिये और पिलाइये | इससे भरपूर मात्रा में ताकत मिलती हैं | आलू की बारीक पीस ले और हल्का सा पानी मिलकर रास निकल लीजिये |सिर्फ आधा कप रस पिए चाहे तो उसमे हल्का सा कला नमक मिला ले | अगर आप जिम जाते हैं या हेवी वर्कआउट करते हैं तो ये ाफी के लिए हैं | आपको भरपूर प्रोटीन और शरीर को पोषण मिलेगा |
८.छिलके समेत आलू खाने से आँखे तेज़ रहती हैं |
९. आलू का रस या उबला पानी उपयोग करे उससे अपने बालो को धोये ठंडा करके आपके बाल मजबूत, रेशमी और चमकदार और घने होंगे |
१०.आलू अगर आप शरीर के दागो पर रोज़ रगड़ने का काम करेंगे तो दागो से जल्दी मुक्ति पा लेंगे |
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धयवाद
Wednesday, 3 January 2018
अदरक के रामबाण घरेलु उपाय
अदरक एक बहुत ही चमत्कारी औषधि हैं | आप इसे सौंठ अथवा अदरक के रूप में उपयोग करते हैं | आइये जानते हैं अदरक और सौंठ से जुड़े कुछ सेहतमंद उपाय -
१.अगर आपको सांस लेने में दिक्कत होती हैं या आप जल्दी हाफने लग जाते हैं तो सौंठ का एक टुकड़ा लेकर उसे चूसे और चबाये | आपको स्वसन में राहत मिलने लगेगी |
२. बुजुर्गो को सौंठ का काढ़ा बनाकर पीना चाहिए इससे उन्हें शारीरिक दर्द में राहत मिलेगी | इससे उन्हें जोड़ो का दर्द , कूल्हों का दर्द ,बढ़ती उम्र के दर्द को कम करने में सहायक हैं | १ १/२ कप पानी में सौंठ उबाल ले | उसको उबालकर एक कप हो जाने दे |छान ले और चाय की तरह सुबह और शाम पिए | गठिया रोगो के लिए काफी असरकारक उपाय हैं |
३. स्त्रियों के लिए अदरक का सेवन बहुत ही स्वस्थ्यवर्धक हैं |अदरक का नियमित और संतुलित सेवन स्त्रियों को ओवेरियन कैंसर से बचता हैं |
४.अदरक या सौंठ का प्रयोग आप ग्रीन टी या नार्मल टी में भी कर सकते हैं | ये एक अच्छा मूड बूस्टिंग हैं | अदरक शरीर की कोशिकाओं को मजबूती प्रदान करती हैं |
५. किसी भी प्रकार के कैंसर से लड़ने की शक्ति देता हैं अदरक |
६. अदरक के नियमित प्रयोग से टाइप २ शुगर आसानी से नहीं होती |अगर माता पिता को टाइप २ शुगर है तो बच्चे जरूर नियमित रूप से अदरक का सेवन करे उन्हें टाइप २ शुगर होने से बचाया जा सकता है |
७.अगर आप जिम में हेवी वर्क आउट करते हैं जिससे आपके शरीर पर सूजन आजाती है | ऐसे में ये सूजन गाठो का रूप भी ले सकती हैं | लेकिन अगर आप अदरक का नियमित सेवन करते हैं तो आपको ये परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा |
८. जिन लोगो को पाचन की समस्या अधिकतर रहती हैं | उन्हें अदरक बारीक़ पीस कर पुदीना या धनिया और टमाटर ,काला नमक ,निम्बू मिलाकर भोजन से आधा घंटा पहले खिलाये | इससे भूक भी लगेगी और पाचन भी सुचारु होगा |
९. अगर आपके सर में दर्द हैं तो आप अदरक की कड़क चाय बनाये और १ चुटकी नमक मिला ले और पि ले |आपका सिरदर्द गायब हो जाएगा |
10.अदरक का प्रयोग रोज़ाना करे परन्तु लिमिट में करे |ज्यादा अदरक लाभ की जगह हानि भी कर सकता हैं |
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Tuesday, 2 January 2018
अपनी याद्दाश्त को बढ़ाये और भूलने की आदत को कहे बाय- बाय |
ये आर्टिकल केवल विद्यार्थियों के लिए नहीं बल्कि सभी के लिए हैं | जो लोग अपनी भूलने की आदत से परेशान हैं वो इसे जरूर पूरा पढ़े | मष्तिष्क के स्वस्थ रहने पर हमारा मेमोरी पावर डिपेंड करता है| जो निम्न बिन्दुओ पर निर्भर करता हैं -
१. अगर आप ज्यादा तनाव ग्रस्त रहते हैं तो आपका मस्तिष्क सुचारु रूप से कार्य करने में असमर्थ रहता हैं | इसलिए सबसे पहले तो तनाव मुक्त रहना शुरू करे | अब प्रश्न आता हैं की तनाव को काम कैसे करे ? उसके लिए आपको सुद्धा वातावरण चाहिए जो आपको सुबह - सुबह मिल सकेगा | आप सुबह घूमने जाए | अगर नहीं भी जा पाते हैं तो सुबह को प्रदुषण रहित वातावरण को घर से महसूस करे | खिड़की दरवाजे खोल ले |आप प्राणायाम या ध्यान कर सकते हैं | आपको सबसे ज्यादा कन्संट्रेड अपनी सांसो पर करना हैं | लम्बी सांसे ले और छोड़े (१० -२० सेकण्ड ) | इससे ज्यादा कुछ नहीं | मात्र श्वशन पर ध्यान देने से आपका दिमाग तेज़ होगा |आप तवं में भी हल्का महसूस करेंगे | दिमाग कार्यावत होगा|
२.अखरोट का सेवन करे | अखरोट का शेप भी दिमाग की तरह ही होता हैं |जो दिमाग तेज़ रखने में बहुत मददग़ार हैं | २-३ दाने मिश्री के आप अखरोट के साथ ले |
३.५ किसमिस और १ अखरोट रत में भिगोकर रखे और सुबह खा ले | तुरंत ही आप फल देख सकेंगे | ये नियमित रूप ले | अगर बच्चो के पेपर का टाइम टेबल आ गया हैं तो आप अगले ही दिन से बच्चो को खिलाना शुरू कर दे | बच्चो के पेपर अच्छे जाएंगे |
४.अलसी का सेवन करे | यह भी दिमाग तेज़ रखने में काफी मददगार हैं | रोज़ सुबह आप १ चम्मच अलसी का सेवन करे फिर ५-७ मिनिट बाद बिना शक्कर वाला दूध पी ले | ये उपाय बहुत ही कारीगर हैं बड़े - भूडो पर जल्दी आपको असर दिखेगा |
५.एक साथ ज्यादा काम करने से बचे यदि आपकी स्मरण क्षमता करजोर हैं तो | एक एक करके काम पुरे करे | आपको चीजे याद रहेंगी | गेहू को रात में गुनगुने पानी में भिगोकर रखे और सुबह चबाकर खा ले और पानी भी पी ले | इससे शरीर की ताकत और दिमाग दोनों मजबूत होगा |
६. देर रात तक जागकर काम न करे | अपना एक टाइम टेबल बनाये | उसी के अनुसार काम करे |देर रात तक न जागे | इससे नींद पूरी नहीं हो पाती और दिमाग कमजोर होता हैं |
७.अगर रात्रि जागकर काम करना जरुरी हो तो रात में भोजन कम करे | साथ में सौंफ मिश्री और नारियल का सेवन करते रहे बीच बीच में | इससे आपको फ्रेशनेस रहेगी और पानी का सेवन भी करते रहे |
८.रात्रि जागरण कर रहे हो तो पेरो के तलवो को खुला रखे | अथवा नारियल का तेल की तावलो पर मालिश करके काम करे | इससे दिमाग पर ज्यादा जोर नहीं पड़ेगा |
९. खासकर बुजुर्गो के लिए -सुबह या रात ओस वाली घास पर नंगे पैर चले | इससे स्मरण शक्ति बढाती हैं |
१०.रोज़मेरी की तेल से पुरे सर की मालिश करे | मार्किट में पतंजलि का भी उपलब्ध हैं |आपको धीरे धीरे मालिश करना हैं |ये बढ़ती उम्र वालो के लिए काफी असरदार उपाय हैं |
उम्मीद हैं आपको मेरा टॉपिक और आर्टिकल पसंद आया होगा | अपने अनुभव हमारे साथ शेयर करे |
धन्यवाद्
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